क्या! घर हवा हो सकती है, सुधारें ये गलतियां

 तेज निगाहें:- हवा में घुला प्रदूषण का जहर हमारे फेफड़ों के लिए बेहद जानलेवा है. IQAir की साल 2019 की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदूषण के लिए जिम्मेदार देशों की लिस्ट में भारत पांचवें नंबर पर हैं. प्रदूषण की वजह से अस्थमा, हृदय रोग और रेस्पिरेटरी सिस्टम से जुड़ी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ गया है. आज यानी 2 दिसंबर को नेशनल पल्यूशन कंट्रोल डे मनाया जा रहा है, ऐसे में प्रदूषण को कंट्रोल करने की शुरुआत हम अपने घर से कर सकते हैं. इंडोर पॉल्यूशन भी बाहर के प्रदूषण की तरह ही खतरनाक है. आइए जानते हैं इसे कम करने के लिए10 काम के टिप्स.

घर में आग- सर्दी के मौसम में अक्सर लोग हाथ सेंकने के लिए अंगीठी पर कोयले और लकड़ी जलाने की व्यवस्था कर लेते हैं. इस आग से घर में फैलने वाले प्रदूषणकारी तत्व हमारे फेफड़ों और गले के लिए बेहद खतरनाक होते हैं.

धूम्रपान पर प्रतिबंध- क्या आप जानते हैं बीड़ी-सिगरेट न पीने वाले 3,000 लोगों की मौत फेफड़ों में कैंसर की वजह से होती है. ये सेकेंड हैंड स्मोकिंग की वजह से होता है. यानी धूम्रपान करने वाले लोगों द्वारा फैलाए गए प्रदूषण की चपेट में आने कई बेकसूर लोगों की जानें भी जाती हैं.

पालतू जानवर- अगर आपके पास कोई पालतू जानवर है तो उसकी साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें. हवा में फैलने वाले फंगस और रूसी कणों का खतरा कम करने के लिए उन्हें रोज नहलाएं और बिस्तर भी साफ रखें. अपने बेडरूम से पालतू जानवरों को बाहर रखें.

एग्जॉस्ट फैन- किचन में खाना पकाते वक्त निकलने वाले धूएं और बाथरूम की गंध को बाहर करने के लिए एग्जॉस्ट फैन (हवा बाहर फेंकने वाला पंखा) का इस्तेमाल करें. आप अपने विंडो एयर कंडीशनर को फैन सेटिंग पर एक क्लीन फिल्टर के साथ चला सकते हैं.


 

कार्पेट- घर में जितने कम कार्पेट होंगे, प्रदूषण का खतरा उतना कम होगा. धूल के कण, जानवरों की रूसी, फफूंद और तमाम तरह के जीवाणु इन्हीं कार्पेट में शरण लेते हैं. इसलिए घर में कार्पेट की जगह हार्ड सरफेस वाला फ्लोर बिछवाएं.

डोर मैट- जूतों के साथ घर में सबसे ज्यादा गंदगी आती है. इसलिए दरवाजे पर हमेशा डोर मैट की व्यवस्था रखें. घर के सदस्यों, दोस्तों और रिश्तेदारों को एंट्री के वक्त इसका अच्छे से इस्तेमाल करना चाहिए.

दुर्गंध को न छिपाएं- घर में दुर्गंध से बचने के लिए अक्सर लोग एयर फ्रेशनर, अगरबत्ती, धूप और तमाम खुशबूदार चीजों का इस्तेमाल करने लगते हैं. कैमिकल युक्त ये चीजें आपकी सेहत के लिए बहुत खराब हैं. 

वैक्यूम क्लीनर- अक्सर आपने महसूस किया होगा कि घर में झाड़ू लगाने से धूल के कण हवा में उड़ते हैं. सांस लेने पर ये नाक के जरिए सीधे हमारे फेफड़ों में पहुंचते हैं. इसलिए झाड़ू की जगह वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल करें. ये धूल के बारीक कणों को समेटकर आसानी से बाहर कर देगा.

डस्टिंग के लिए माइक्रोबर- फर्नीचर से लेकर किचन में साफ-सफाई के लिए माइक्रोबर डस्टिंग क्लोथ का इस्तेमाल करें. ये कपड़ा कॉटन की तुलना में ज्यादा कणों को समेट सकता है.

खिड़कियां- घर में वेंटिलेशन की पर्याप्त सुविधा होनी चाहिए. फ्रेश एयर के लिए आपको अपने घर के खिड़की और दरवाजे खुले रखने चाहिए. इंडोर-आउटडोर एयर एक्सचेंज करने का ये एक बेहतरीन फॉर्मूला है.




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