ईडीएमसी का सदन शुक्रवार को एक बार फिर बन गया अखाड़ा

पूर्वी दिल्लीः पूर्वी दिल्ली नगर निगम का सदन शुक्रवार को एक बार फिर अखाड़ा बन गया। सदन में धक्का मुक्की के साथ हाथापाई भी हुई। भाजपा द्वारा आप पार्षदो को देख लेने तक की धमकी दी गई। इस दौरान भ्रष्ट महापौर का रौद्र रूप देखने को मिला और वह बार-बार आप पार्षदो को देख लेने की चेतावनी देने लगी, लेकिन विपक्ष पर इसका कुछ भी असर नहीं हुआ। वह बजट भाषण के दौरान ही घर-घर से कूड़ा उठाने के निजीकरण संबंधी आदेश को दिखाने की मांग करते रहे। ऐसा नहीं करने पर बजट भाषण के दौरान पार्षद रेखा त्यागी और कुलदीप कुमार ने नारेबाजी करते हुए बजट की प्रतियों को फाड़-फाड़ कर उड़ा दिया। बैठक की शुरूआत होते ही आप पार्षद कुलदीप कुमार और रेखा त्यागी ने घर-घर से कूड़ा उठाने का काम निजी कंपनी को सौंपने का मामला उठाया। महापौर ने उन्हें बैठने के लिए कहा और नेता सदन को बजट पेश करने के लिए कहा। लेकिन विपक्ष के सदस्य मानने को तैयार नहीं हुए उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्षी पाषर्दों ने कहा कि निजीकरण की इस योजना ने भाजपा निगम को कई करोड़ रुपये चूना लगा रही है।



इस योजना से निगम में  काम करने वाले सफाई कर्मचारियों की नौकरी भी चली जाएगी। पार्षद कुलदीप कुमार ने कहा कि तीन दिन पहले सदन में स्थायी समिति चेयरमैन संदीप कपूर ने यह घोषणा की थी कि कंपनी को कार्य आदेश संबंधी दिए गए अग्रिम अनुमति को वापस लिया जा रहा है। इस घोषणा के बाद कार्य आदेश वापस लेने संबंधी आदेश सदन के समक्ष पेश किया जाए। नेता सदन ने समझाया कि स्थायी समिति चेयरमैन द्वारा सदन में बताई गई बात सदन के मिनट्स में शामिल है और यह अपने आप में आदेश है। लेकिन विपक्ष आदेश की प्रति के लिए अड़ा रहा। इसी बीच एक पार्षद ने नेता सदन के समक्ष रखी बजट की कॉपी फाड़ दी और आप पार्षद रेखा त्यागी सत्ता पक्ष की ओर पहुंच गईं। रेखा त्यागी  नेता सदन की कुर्सी के पास पहुंचकर शोर मचाने लगीं और उन्हें बजट पढ़ने से रोकने लगीं, तभी भाजपा पार्षद उन्हें रोकने पहुंच गईं। हटाने के क्रम में दोनों महिला पार्षदों के बीच धक्का मुक्की हुई। इस घटना को लेकर विपक्ष आक्रामक हो गया और रेखा त्यागी सहित कई विपक्षी पार्षद टेबल पर चढ़ गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को देख लेने की धमकी तक दे दी। दोनों पार्षदों ने एक-दूसरे पर धक्का देने का आरोप लगाया। बाद में साथी पार्षदों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। विपक्ष के इस तरह के हंगामे को देखकर महापौर अंजू कमलकांत ने कई बार मार्शलों से कहा कि वह विपक्ष के पार्षदों को सदन से बाहर करें। मार्शलों ने विपक्षी पार्षदों को करीब से घेर तो लिया लेकिन उनकी हिम्मत ही नहीं हुई कि उन्हें बाहर निकालें। इससे महापौर नाराज भी हुईं।  


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